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February 10, 2023

Press Note Hindi 10.02.2023 – PM ने अपनी पद की गरिमा गिराई

शक्तिसिंहजी गोहिल का कार्यालय,

सांसद (राज्य सभा), प्रभारी दिल्ली एवं हरियाणा,  अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी

प्रेस विज्ञप्ति                                                     10 फरवरी, 2023   

 

    संसदीय परंपराओं में कभी ऐसा नहीं होता है कि जो शासक पार्टी है वही डिस्टर्बेंस करे और हाउस न चलने दे । पहली बार यह हुआ कि कल यानी गुरूवार  9 फरवरी, 2023 को जब प्रधानमंत्री जी बोल रहे थे तब विपक्षी पार्टिया अमृतकाल में अडाणी के बहुत बड़े जहरीले घोटाले की जांच के लिए जेपीसी की मांग कर रही थी ।  जिसको शासक पक्ष नहीं सुनने या चर्चा के लिए तैयार नहीं होने से हाउस में डिस्टर्बेंस हुआ। विपक्षी पार्टियों के सदस्य वेल में थे फिर भी हाउस एडजार्नड नहीं किया गया और प्रधानमंत्री जी के ऊपर ही कैमरा फोकस रखते हुए उनको अपनी पूरी बात रखने दी और वह डेढ़ घंटे से ज्यादा वक्त तक ऐसी बातें जो न विश्वसनीय हैं और जो लफ्ज असंसदीय है उनका भी प्रयोग करते रहे मगर न उसको रोका गया न उसको टोका गया न अथोंटिकेशन किसी चीज का मांगा गया और वह अपनी लंबी बात करते रहे । एक प्रधानमंत्री को न शोभा दे उस तरह के बॉडी एक्सप्रेशंन और छाती ठोकते रहे । जब मनमोहन सिंह जी प्रधानमंत्री थे तब भाजपा ने विरोधी दल के नाते हंगामा किया था और उनकी कुर्सी तक जाकर नारेबाजी की थी । लेकिन मनमोहन सिंह जी ने अपनी भाषा को संयमित रखा था और अपना प्रवचन बंद कर दिया था । कल नरेंद्र मोदी जी ने जिस तरह से राज्य सभा में व्यवहार किया वह प्रधानमंत्री की कुर्सी के अनुरूप नहीं था ।

इसके बाद जब बजट की चर्चा पर विपक्षी दलों को अपनी बात रखनी थी उस वक्त कभी नहीं होता है अब ऐसा हुआ कि शासक दल के सदस्य हाउस में स्लोगन शाउटिंग करते रहे और कोई वेल में नहीं था । फिर भी विपक्षी पार्टी को बजट पर अपनी बात रखने देने की बजाय हाउस एडजार्नड कर दिया गया । संसद की परंपराओं के इतिहास को देखें तो जब भाजपा विपक्ष में थी तब बार-बार कहती थी कि हाउस चलाने की जिम्मेदारी शासक दल की होती है उन्हें हाउस को डिस्टर्ब करने का कोई अधिकार नहीं होता है । जबकि विपक्ष माइनोरिटी में होता है और अपनी बात मनवाने के लिए हाउस नहीं चलने देना हाउस डिस्टर्ब करना ये विपक्ष का एक हथियार है और पार्लियामेंटरी टेक्टिक है विपक्ष को इस पार्लियामेंटरी टेक्टिक को अहम मुद्दों पर प्रयोग करना चाहिए ।

कल राज्य सभा रात के 8 बजे तक चलने वाली थी लेकिन सत्ता पक्ष के हंगामे की वजह से राज्य सभा चल नहीं पायी । जब विपक्ष कोई सही मुद्दों के लिए सदन का काम रोकते हैं तब भाजपा के लोग कहते हैं कि जनता के पैसों का विपक्ष ने नुकशान कर दिया । कल सत्ता पक्ष की वजह से सदन नहीं चला उसके लिए सत्ता पक्ष जिम्मेवारी ले और बताएं कि जनता के पैसे सत्ता पक्ष ने क्यों और किस मुद्दे के लिए बर्बाद किये ?

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